आओ तुमसे दिल लगाना चाहता हूँ
तिश्नगी मिट जाए कुछ
चैन आ जाए मुझे
इश्क़ की रंगीनियों में
डूब जाना चाहता हूँ
आओ तुमसे दिल लगाना चाहता हूँ
ख़्वाब में घुलती हुई जाती हैं ये रंगीनियाँ
बादलों की आड़ में छिपती हुईं सरगोशियाँ
इन पलों में ख़त्म होना चाहता हूँ
आओ तुमसे दिल लगाना चाहता हूँ
-- अनंत ढवळे
(Some fun experiment with lyrics)
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